Hindi News
सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी होने के मामले को लेकर कांग्रेस ने पहले वाम मोर्चा सरकार को घेरा था लेकिन अब यही मामला केरल में उसकी अपनी सरकार के लिए परेशानी बन गया है. वी.डी. सतीशन सरकार के लिए शर्मिंदगी की बात यह रही कि देवस्वम विभाग के विशेष वकील पद के लिए चुने गए अधिवक्ता के.बी. प्रदीप को नियुक्ति के कुछ ही दिनों के भीतर पद छोड़ना पड़ा.
कारण यह था कि प्रदीप जांच में शामिल कंपनी स्मार्ट क्रिएशंस का पहले प्रतिनिधित्व कर चुके थे. विपक्षी CPI (M) और BJP के बढ़ते हमलों के बीच मुख्यमंत्री सतीशन के निर्देश पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया. कानून विभाग का जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री को विपक्ष के साथ-साथ उनकी अपनी पार्टी के नेताओं ने भी सवालों के घेरे में लिया. उन पर ऐसे वकील की नियुक्ति को लेकर सवाल उठे जिसने सोने की चोरी के मामले में संदेह के घेरे में मौजूद एक पक्ष का बचाव किया था.




























