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राजस्थान के भीलवाड़ा में 'रेत का सोना' कहे जाने वाले गारनेट के अवैध खनन और वसूली का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक-प्रशासनिक गठजोड़ की परतें उधेड़ दी हैं. खनन माफिया, सत्ता और पुलिस के तिकड़मी नेटवर्क की यह कहानी अब जयपुर से लेकर नई दिल्ली तक सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
पांच अप्रैल को भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक गोपीचंद मीणा का प्रतिनिधि बनकर अवैध वसूली करने वाले अजय पांचाल की गिरफ्तारी ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया. पांचाल के मोबाइल से मिले सबूतों ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है.































