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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आत्महत्या के ताजा आंकड़ों ने एक ऐसे सामाजिक संकट की ओर इशारा किया है, जिसे लंबे समय तक निजी मामला मानकर नजरअंदाज किया जाता रहा. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के 2024 के शहर-वार आंकड़ों के मुताबिक, शहर में शादी से जुड़े कारणों के चलते आत्महत्या के मामलों में सबसे बड़ा कारण ‘शादी का तय न होना (Non-settlement of marriage)’ रहा.
इस श्रेणी में अकेले 75 लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें 46 पुरुष और 29 महिलाएं शामिल थीं. यह यूपी के किसी भी शहर में शादी से जुड़ी आत्महत्याओं की श्रेणियों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था. खास बात यह भी है कि आत्महत्या करने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में कहीं ज्यादा है.




























