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दिल्ली के समयपुर बदली में पाटलीपुत्र नर्सिंग होम के डॉ. सुरेंद्र चड्ढा हर साल लेड पॉइजनिंग यानी सीसे के जहर के शिकार 80-90 लोगों का इलाज करते हैं. इनके पास दिल्ली NCR, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दूर-दराज के जम्मू-कश्मीर से कई सारे मरीज आते हैं.
ये ज्यादातर मरीज औद्योगिक कामगार होते हैं, जो इलाज कराने के लिए बहुत दूर से आते हैं. लेड पॉइजनिंग से आमतौर पर पेट दर्द और उल्टी होती है, लेकिन गंभीर मामलों में मरीज कोमा में चला जाता है. दौरे पड़ सकते हैं या मौत भी हो सकती है.




























