दादा साहब फाल्के अवॉर्ड पाने वाले मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मी और उससे बाहर की कहानी तस्वीरों में

मृगया, सुरक्षा, डिस्को डांसर और डांस डांस जैसी फिल्मों के स्टार दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को 30 सितंबर को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार सिनेमा के क्षेत्र में सरकार का सर्वोच्च सम्मान है. यह घोषणा चक्रवर्ती को भारत सरकार द्वारा तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने के कुछ महीने बाद की गई है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्विटर यह घोषणा करते हुए कहा कि चक्रवर्ती को यह पुरस्कार 8 अक्टूबर, 2024 को 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा. दादा साहब पुरस्कार विजेता आशा पारेख, एक्टर-पॉलिटिशियन खुशबू सुंदर और फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह सहित तीन सदस्यीय जूरी ने चक्रवर्ती को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना.

मिथुन का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है. वे पुणे के भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII) के पूर्व छात्र रहे हैं और मुख्य रूप से हिंदी और बंगाली सिनेमा में अपना नाम कमाया. उन्होंने मृणाल सेन की 1976 की फ़िल्म 'मृगया' से अपने अभिनय की शुरुआत की थी जिसके लिए उन्हें अपना पहला नेशनल अवार्ड (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) मिला. उन्होंने 1992 की तहदर कथा (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और 1998 की स्वामी विवेकानंद (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) के लिए दो और नेशनल अवार्ड जीते.

चक्रवर्ती ने 1982 की सुपरहिट डिस्को डांसर में अपनी खास डांसिंग स्टाइल के साथ स्टारडम हासिल किया. इसी फिल्म के 'आई एम ए डिस्को डांसर' और 'याद आ रहा है' जैसे चार्टबस्टर्स ने भारत में डिस्को डांसिंग की शुरुआत की. इसके बाद मिथुन ने बॉलीवुड में 'मुझे इंसाफ़ चाहिए', 'हम से है ज़माना', 'पसंद अपनी अपनी', 'कसम पैदा करने वाले की' और कमांडो जैसी कई हिट फ़िल्में कीं और दर्शको को सिनेमाघरों की तरफ खींचा. 1990 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'अग्निपथ' में भी उनकी भूमिका को फिल्म समीक्षकों ने खूब सराहा था.

पूर्व राज्यसभा सांसद चक्रवर्ती 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे. पार्टी में शामिल होने के बाद मिथुन का एक बयान काफी वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने था - "मैं कोई पानी का सांप या घास का सांप नहीं हूं. मैं एक कोबरा हूं. अगर मैं तुम्हें डंक मार दूं, तो तुम एक तस्वीर बनकर रह जाओगे."

मिथुन चक्रवर्ती ने 2009 से 2018 तक लोकप्रिय डांस रियलिटी सीरीज़ 'डांस इंडिया डांस' में मुख्य जज या ‘ग्रैंडमास्टर’ के रूप में भी काम किया था. उनके 'कोई शक' डायलॉग ने शो में कइयों को गुदगुदाया. मिथुन से पहले 2023 में वहीदा रहमान को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.