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उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 'नए सिपाही' शिंदे की उम्मीद कैसे बन गए?

जून 2022 में एकनाथ शिंदे और उनके 39 विधायकों ने शिवसेना के दो फाड़ कर दिए. शिंदे के नेतृत्व में विधायकों की इस टोली ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी यानी MVA की सरकार गिराकर बीजेपी के साथ नाता जोड़ लिया. बीजेपी के साथ शिंदे ने गठबंधन किया और सरकार भी बना ली. इसी के साथ सवाल पैदा हुआ कि आख़िर असली शिवसेना कौन है? कानूनी लड़ाई में तो शिवसेना का नाम और धनुष-बाण का चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे गुट को सौंप दिया गया. लेकिन पार्टी की पहचान ठाकरे ब्रांड शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के पास ही है.

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