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निर्मला सीतारमण ने बजट के दिन गोल्डन वर्क वाली साड़ी पहन दिया क्या संदेश?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आठवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया और इस बार 'बिहार पर जोर' कुछ ज्यादा था और उनकी साड़ी पर भी उसकी छटा दिखी

निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
अपडेटेड 24 फ़रवरी , 2025

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आठवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया और इस बार भी उनकी साड़ी एक आर्थिक कहानी बयान कर रही थी. इस साल की वित्तीय चर्चा में 'बिहार पर जोर' कुछ ज्यादा था और उनकी पोशाक पर भी उसकी छटा दिखी.

उन्होंने क्रीम रंग की मधुबनी साड़ी पहनी जो उन्हें मिथिला आर्ट इंस्टीट्यूट की पद्म श्री पुरस्कार विजेता दुलारी देवी से उपहार में मिली. जाहिर है, वित्त मंत्री ने आंकड़ों और नैरेटिव दोनों का झुकाव तय किया. उन्होंने बजट के बाद पत्रकारों को इस पोशाक के पीछे की कहानी सुनाई. उन्होंने बताया कि हाथ से पेंट की गई इस हर साड़ी को बनाने में एक महीने लगते हैं.

उन्होंने दो प्रमुख मधुबनी शैलियों कचनी और भरनी के बारे में भी बताया. उन्होंने यह भी कहा कि कचनी पारंपरिक रूप से कुछ उच्च जाति की महिलाओं का क्षेत्र रहा है. यह राहुल गांधी के जातिगत भेदभाव के आरोपों की काट के रूप में दिखा. अब बजट के आंकड़ों की व्याख्या जारी है मगर सीतारमण का संदेश साफ और जोरदार था.

नया चेहरा!

भव्य रोड शोः सपा सांसद इकरा चौधरी के साथ मनीष सिसोदिया

उत्तर प्रदेश के कैराना की समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा चौधरी सुर्खियों में हैं. मगर अपने गृह राज्य में नहीं बल्कि पड़ोसी दिल्ली में, और वह भी अपनी पार्टी नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी (आप) की खातिर. उन्होंने पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए भव्य रोड शो किया. अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, आप उन्हें लेकर खासा उत्साहित थी और एक दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार उन्हें मंच पर लाना चाहते थे. सपा के पुराने दिग्गज भी चकित रह गए क्योंकि यह उभरती मुस्लिम नेता वहां छायी रही. सपा प्रमुख अखिलेश यादव केजरीवाल के बगल में मुस्कुरा रहे थे पर पर्दे के पीछे इकरा का रोड शो ही चर्चा का विषय था. यादव परिवार जेल में बंद आजम खान से दूरी बनाए हुए है, तो क्या इकरा चुपचाप सपा में 'मुस्लिम चेहरे' का खालीपन भर रही हैं?

सबको साधने में उस्ताद

असल में, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जीतन राम मांझी के साथ सियासी नूराकुश्ती बॉलीवुड की किसी पटकथा से कम नहीं. पहले उन्होंने 2014 में मांझी को मुख्यमंत्री बनाया, फिर 2015 में हटा दिया. नवंबर 2023 में नीतीश ने विधानसभा में मांझी को ''बिना किसी समझ'' वाला शख्स कहा. इस चुनावी साल में सब बदल गया. मांझी को कभी अपनी ''सबसे बड़ी गलती'' बताने वाले नीतीश 2 फरवरी को पटना में उनके घर गए और उन्हें गले लगाया. वोट दांव पर हों तो नीतीश संबंध सुधारने में माहिर हैं.

नूराकुश्तीः जीतन राम मांझी के साथ नीतीश कुमार

जयपुर की लॉटरी

लगता है, मानो जयपुर ने कोई लॉटरी जीत ली. यह आइफा अवार्ड्स के 25वें संस्करण का शहर बनने जा रहा है और राजस्थान के शाही सौंदर्य में बॉलीवुड के चार चांद लगने वाले हैं. मुंबई में इसका ऐलान शानदार ढंग से किया गया जिसमें शाहरुख खान, नोरा फतेही और कार्तिक आर्यन उप-मुख्यमंत्री और पूर्व शाही घराने की दिया कुमारी के साथ मंच साझा कर रहे थे. चमक-दमक को नकारा नहीं जा सकता मगर 50 करोड़ रुपए प्लस जीएसटी के खर्च ने कई लोगों की भौंहें चढ़ा दी हैं. राजस्थान ने पहले कभी किसी निजी कार्यक्रम पर इतने पैसे खर्च नहीं किए. सरकार का कहना है कि यह पर्यटन मास्टरस्ट्रोक है और महंगे तथा बेकार विज्ञापन कैंपेन की बजाय ऐतिहासिक स्थलों का सितारों के जरिए मुफ्त प्रचार हो जाएगा. मगर आलोचक इसे करदाताओं के पैसे का भारी फिजूलखर्च मानते हैं.

पद्म सियासत

जनवरी की 25 तारीख को स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज को पद्म श्री प्राप्त हुआ. बंगाल में यही सवाल गूंज रहा कि क्या उन्हें सियासी फल मिला है. दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आलोचक और बेलडांगा भारत सेवाश्रम संघ के सचिव स्वामी उनके साथ सार्वजनिक विवाद के बाद सुर्खियों में आए. ममता ने 2024 के चुनाव से पहले स्वामी पर भाजपा से संबंधों का आरोप लगाया तो उन्होंने ममता पर मानहानि का नोटिस ठोक दिया था. लगता है कि राजनीति के खेल में, साधु भी 'प्रसाद' का मोह छोड़ नहीं पाते.

स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज

—साथ में सोनल खेत्रपाल, अवनीश मिश्र, अमिताभ श्रीवास्तव, अर्कमय दत्ता मजूमदार और रोहित परिहार

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