मुरलीधर ज्ञानचंदानी
68 वर्ष संस्थापक, आरएसपीएल (घड़ी डिटर्जेंट)
क्योंकि '70 के दशक में पिता दयालदास ज्ञानचंदानी के ग्लिसरीन से बनने वाले ऑयल सोप के कारोबार को साढ़े चार हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के कारोबार में तब्दील करने की मेहनत और लगन दिखाई.
सादगी से कारोबार करने की आदत के चलते एक के बाद एक ब्रांड स्थापित करते चले गए, जिनमें घड़ी डिटर्जेंट, केक, रेड चीफ जूते, नमस्ते इंडिया दूध-दही जैसे नाम यूपी में छाए हुए हैं
क्योंकि आरएसपीएल ने कपड़ों की सफाई और दूध के कारोबार के बाद स्वच्छता के एक और क्षेत्र में कदम रख दिया है और वह है सैनिटरी नैपकिन का निर्माण.
आरएसपीएल हेल्थ बीडी बांग्लादेश की अग्रणी कंपनी बन चुकी है जबकि आरएसपीएल हेल्थ प्राइवेट लि. भारत में उत्पादन शुरू कर चुकी है. कंपनी पवन ऊर्जा के प्लांट कुछ राज्यों में लगा चुकी है
क्योंकि भगवान शिव की पूजा के बगैर कोई काम शुरू न करने वाले ज्ञानचंदानी अपने छोटे भाई और कंपनी के एमडी बिमलचंद से हमेशा मशविरा करते हैं.
उनके दफ्तर में लिखा मार्केट मंत्र 'हर परिस्थिति में शांत रहने वाला शिखर को छू लेता है' उनके पूरे कारोबार की कामयाबी बयान कर देता है.
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